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मुफ़्त जन्म कुंडली ऑनलाइन
Free Janam Kundali — in Hindi and English
जन्म कुंडली आपके जन्म के सटीक क्षण और स्थान पर आकाश का नक्शा है: उस समय पूर्वी क्षितिज पर बारह में से कौन-सी राशि उदित हो रही थी (आपका लग्न), और सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु किस राशि और 27 में से किस नक्षत्र में थे। वैदिक ज्योतिष स्वभाव, जीवन के बारह क्षेत्र और सबसे बढ़कर समय — दशाओं के माध्यम से — इसी एक कुंडली से देखता है। हमारी कुंडली मिनट तक सटीक गणना से बनती है और मुफ़्त है।
अभी मेरी मुफ़्त कुंडली बनाएँआपको अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान चाहिए। न साइन-इन, न कार्ड।
मुफ़्त कुंडली में क्या-क्या मिलता है
- लग्न कुंडली (D1) उत्तर भारतीय या दक्षिण भारतीय शैली में — एक टैप से बदलें।
- ग्रह स्थिति: सभी नौ ग्रहों और लग्न की राशि, अंश, भाव, बल (उच्च/स्वराशि/नीच) और वक्री स्थिति, साथ में चंद्रमा का नक्षत्र और पाद।
- बारह भाव और हर भाव में स्थित ग्रह।
- विंशोत्तरी दशा: वर्तमान महादशा और अंतर्दशा, तिथियों के साथ, समय-रेखा पर।
- वर्ग कुंडलियाँ: D1 राशि, D3 द्रेष्काण, D7 सप्तांश, D9 नवांश, D10 दशमांश, D12 द्वादशांश।
- अष्टकवर्ग: हर भाव के सर्वाष्टकवर्ग और भिन्नाष्टकवर्ग बिंदु।
- जैमिनी चर कारक (आत्मकारक से दाराकारक तक) और आरूढ़ पद, तथा लग्न, चंद्र और सूर्य से एक साथ देखा गया सुदर्शन चक्र।
- दोष जाँच: मांगलिक (मंगल दोष), साढ़ेसाती और कालसर्प दोष।
- आपकी कुंडली और वर्तमान दशा के अनुसार रत्न और उपाय।
- कुंडली के डैशबोर्ड पर आपका दैनिक फल और आज का पंचांग।
सब कुछ निरयण राशिचक्र और लाहिड़ी अयनांश, संपूर्ण राशि भाव पद्धति और स्विस एफ़िमेरिस से बनता है। मुफ़्त अकाउंट से आप कुंडलियाँ सहेज सकते हैं, कुंडली की PDF हिंदी या अंग्रेज़ी में डाउनलोड कर सकते हैं, और एआई ज्योतिषी से शुरुआती प्रश्न मुफ़्त पूछ सकते हैं।
अपनी कुंडली कैसे पढ़ें
1. लग्न से शुरू करें
पहला भाव वह राशि है जो जन्म के समय उदित हो रही थी। उत्तर भारतीय कुंडली में यह ऊपर बीच का चौकोर (हीरे जैसा) खाना है, और हर खाने में लिखा अंक राशि का है (1 = मेष … 12 = मीन), भाव का नहीं। दक्षिण भारतीय कुंडली में राशियाँ तय खानों में रहती हैं और लग्न अलग से चिह्नित होता है। लग्न और लग्नेश शरीर, स्वभाव और जीवन की दिशा बताते हैं।
2. अपनी चंद्र राशि और नक्षत्र देखें
भारतीय परंपरा में आपकी राशि चंद्रमा की राशि है, सूर्य की नहीं। राशिफल, साढ़ेसाती और कुंडली मिलान इसी से देखे जाते हैं, और चंद्रमा का नक्षत्र तय करता है कि आपकी विंशोत्तरी दशा कहाँ से शुरू होगी।
3. भाव के अनुसार ग्रह पढ़ें
हर भाव जीवन का एक क्षेत्र है: पहला स्वयं, दूसरा धन और कुटुंब, तीसरा पराक्रम और भाई-बहन, चौथा घर और माता, पाँचवाँ संतान और बुद्धि, छठा रोग और शत्रु, सातवाँ विवाह और साझेदारी, आठवाँ आयु और अचानक परिवर्तन, नौवाँ भाग्य और धर्म, दसवाँ कर्म और करियर, ग्यारहवाँ लाभ, बारहवाँ व्यय और मोक्ष। ग्रह जिस भाव में बैठा है और जिन भावों का स्वामी है, उन्हें प्रभावित करता है; उसकी स्थिति (उच्च, स्वराशि, नीच) बताती है कि वह कितना फल दे पाएगा।
4. चल रही दशा देखें
दशा बताती है कब। महादशा का स्वामी, और उसके भीतर अंतर्दशा का स्वामी, वे ग्रह हैं जिनके भाव इस अवधि में सक्रिय होते हैं — इसीलिए मिलती-जुलती कुंडली वाले दो लोगों के साल बहुत अलग हो सकते हैं।
5. दोषों को संदर्भ में देखें
दोष पढ़ने का एक संकेत है, कोई फ़ैसला नहीं। मंगल दोष के शास्त्रीय परिहार हैं; साढ़ेसाती शनि का साढ़े सात साल का गोचर है जो हर किसी के जीवन में दो-तीन बार आता है। दोष रिपोर्ट में मिले हुए परिहारों के नाम भी दिए जाते हैं।
मेरी जन्म कुंडली बनाएँ — मुफ़्तअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या कुंडली सच में मुफ़्त है?
हाँ। कुंडली बनाना, दशाएँ, वर्ग कुंडलियाँ और दोष जाँच पूरी तरह मुफ़्त हैं, और इन्हें देखने के लिए साइन-इन की ज़रूरत नहीं। केवल मुफ़्त प्रश्नों के बाद एआई ज्योतिषी के उत्तर और लाइफ़ बुक जैसी विस्तृत रिपोर्ट सशुल्क हैं।
कुंडली बनाने के लिए क्या चाहिए?
आपकी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान। स्थान से अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र तय होते हैं, जिनसे लग्न और भावों की स्थिति निकलती है।
अगर सही जन्म समय पता न हो तो?
कुंडली फिर भी दोपहर 12:00 बजे के हिसाब से बन जाती है। चंद्र राशि और नक्षत्र आमतौर पर सही रहते हैं (जब तक उस दिन चंद्रमा ने राशि या नक्षत्र न बदला हो), इसलिए चंद्र-आधारित फल, साढ़ेसाती और कुंडली मिलान उपयोगी रहते हैं — पर लग्न, भाव और मांगलिक दोष के लिए सही समय ज़रूरी है। जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड का समय सबसे अच्छा है।
कौन-सी पद्धति इस्तेमाल होती है?
हर कुंडली निरयण (सायन नहीं) पद्धति में लाहिड़ी (चित्रापक्ष) अयनांश, संपूर्ण राशि भाव (whole sign) और विंशोत्तरी दशा से बनती है — जो अधिकांश भारतीय पंचांगों और ज्योतिषियों की परंपरा है। ग्रहों की स्थिति स्विस एफ़िमेरिस से ली जाती है।
क्या कुंडली हिंदी में मिलेगी?
हाँ। ऐप को हिन्दी में बदलें — कुंडली, ग्रहों और राशियों के नाम, दशाएँ और फलादेश सब हिंदी में दिखेंगे; PDF भी हिंदी में डाउनलोड की जा सकती है।
उत्तर भारतीय या दक्षिण भारतीय कुंडली?
दोनों। एक ही कुंडली को उत्तर भारतीय (भाव स्थिर, राशियों के अंक) या दक्षिण भारतीय (राशियाँ स्थिर) शैली में एक टैप से देखा जा सकता है।
जन्म कुंडली और राशिफल में क्या अंतर है?
जन्म कुंडली आपके जन्म के क्षण के आकाश का स्थायी नक्शा है। दैनिक राशिफल एक ही चंद्र राशि वाले सभी लोगों के लिए छोटा सामान्य फल है। कुंडली व्यक्तिगत है; राशिफल नहीं।