हिन्दी
आज का वृषभ राशिफल
Vrishabh Rashifal · Taurus
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 · IST
अनुकूल दिन — चंद्रमा आपकी राशि से तीसरे भाव में।
आज चंद्रमा का गोचर (चंद्र गोचर)
आज दिन में चंद्रमा राशि बदलता है, इसलिए दिन के दो हिस्से अलग पढ़ें।
10:17 PM (IST) तक: चंद्रमा कर्क (Kark) में — आपकी राशि से तीसरे भाव में। अनुकूल दिन
चंद्रमा का तीसरे भाव में गोचर शुभ माना गया है। साहस और उत्साह बढ़ा रहेगा, प्रयासों का फल मिलेगा, और भाई-बहनों, मित्रों व पड़ोसियों से संपर्क अच्छा रहेगा। छोटी यात्रा, बातचीत और अटके काम पूरे करने के लिए अच्छा दिन है।
10:17 PM (IST) से: चंद्रमा सिंह (Simha) में प्रवेश करता है — आपकी राशि से चौथे भाव में। संयम का दिन
चौथे भाव में चंद्रमा मन को थोड़ा अशांत कर सकता है — घरेलू बातें या यात्रा थकाऊ लग सकती हैं। दिन को सरल रखें, घर में बहस से बचें और कुछ समय शांति से बिताएँ; चंद्रमा के आगे बढ़ते ही मन हल्का होगा।
लंबी अवधि का गोचर
ये ग्रह महीनों या वर्षों तक एक राशि में रहते हैं, इसलिए ये रोज़ के दिन की पृष्ठभूमि बनाते हैं।
| शनिमीन (Meen) (वक्री) · ग्यारहवें भाव | शनि ग्यारहवें भाव में शुभ हैं — लाभ धीरे-धीरे पर पक्के तौर पर आता है और लंबी मेहनत का फल मिलने लगता है। |
|---|---|
| गुरुकर्क (Kark) · तीसरे भाव | गुरु तीसरे भाव में हैं — उसी परिणाम के लिए थोड़ी अधिक मेहनत लगती है; लगे रहें। |
| राहुकुंभ (Kumbh) · दसवें भाव | राहु दसवें भाव में महत्वाकांक्षा और कार्यक्षेत्र में अचानक अवसर लाते हैं; ईमानदारी से आगे बढ़ें। |
| केतुसिंह (Simha) · चौथे भाव | केतु चौथे भाव में हैं — अंतर्मुखी प्रभाव; आत्मचिंतन और साधना के लिए अच्छा, जल्दबाज़ी के कदमों के लिए कम। |
साढ़ेसाती नहीं — शनि आपकी राशि से 12वें, पहले या दूसरे भाव में नहीं हैं।
आज का पंचांग
नई दिल्ली में सूर्योदय के समय कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि और आश्लेषा नक्षत्र है। राहु काल, सूर्योदय और पूरा पंचांग आज के पंचांग में देखें।
यह राशिफल केवल आपकी चंद्र राशि से चंद्रमा, शनि, गुरु और राहु-केतु के गोचर पर आधारित है — एक ही राशि वाले सभी लोगों के लिए समान। व्यक्तिगत फलादेश आपकी पूरी जन्म कुंडली — लग्न, दशा और अष्टकवर्ग — से होता है। अपनी चंद्र राशि नहीं पता? आपकी मुफ़्त कुंडली में यह सबसे ऊपर दिखती है।
अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ — फिर अपनी कुंडली पर प्रश्न पूछेंवृषभ राशि — स्वभाव, नक्षत्र और नामाक्षर
अन्य राशियों का आज का राशिफल
यह कैसे निकाला गया
ग्रहों की स्थिति आज (भारतीय मानक समय) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस से निरयण (लाहिड़ी अयनांश) पद्धति में गणना की गई है — वही जो हमारी कुंडली और पंचांग में प्रयुक्त है। भाव आपकी चंद्र राशि से गिने गए हैं (गोचर)। शुभ-अशुभ का आधार वराहमिहिर की बृहत्संहिता (अध्याय 104) और मंत्रेश्वर की फलदीपिका (अध्याय 26) की शास्त्रीय गोचर पद्धति है: चंद्रमा 1, 3, 6, 7, 10, 11वें भाव में शुभ; शनि और राहु-केतु 3, 6, 11वें में; गुरु 2, 5, 7, 9, 11वें में।