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प्रदोष व्रत 2027: सभी तिथियां और प्रदोष पूजा का समय

Pradosh Vrat 2027

नई दिल्ली · IST

2027 में प्रदोष व्रत की पहली तिथि 4 जनवरी 2027, सोमवार को है (कृष्ण पक्ष त्रयोदशी: शाम 6:16 से रात 8:40 (5 जनवरी) तक; प्रदोष पूजा: शाम 6:16 – रात 8:21)। 2027 की सभी 25 तिथियां नीचे सूची में हैं।

प्रदोष व्रत 2027: सभी तिथियां

माह अमांत हैं (माह अमावस्या पर पूरा होता है, जैसा दक्षिण व पश्चिम भारत में)। उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में कृष्ण पक्ष का नाम एक माह आगे का होता है।

दिनांकहिंदू माहतिथिप्रदोष पूजा
4 जनवरी, सोमवारसोम प्रदोषमार्गशीर्षकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: शाम 6:16 से रात 8:40 (5 जनवरी) तकशाम 6:16 – रात 8:21
20 जनवरी, बुधवारपौषशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: सुबह 4:41 से रात 1:12 (21 जनवरी) तकशाम 5:50 – रात 8:31
3 फ़रवरी, बुधवारपौषकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: दोपहर 1:50 से शाम 4:31 (4 फ़रवरी) तकशाम 6:01 – रात 8:39
18 फ़रवरी, गुरुवारमाघशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: दोपहर 2:28 से सुबह 11:14 (19 फ़रवरी) तकशाम 6:13 – रात 8:46
5 मार्च, शुक्रवारमाघकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: सुबह 9:54 से दोपहर 12:04 (6 मार्च) तकशाम 6:23 – रात 8:51
20 मार्च, शनिवारशनि प्रदोषफाल्गुनशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: रात 11:17 (19 मार्च) से रात 8:45 तकशाम 6:32 – रात 8:45
4 अप्रैल, रविवारफाल्गुनकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: सुबह 4:27 से सुबह 5:23 (5 अप्रैल) तकशाम 6:40 – रात 8:58
18 अप्रैल, रविवारचैत्रशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: सुबह 7:42 से सुबह 6:08 (19 अप्रैल) तकशाम 6:48 – रात 9:01
3 मई, सोमवारसोम प्रदोषचैत्रकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: रात 8:04 से शाम 7:31 (4 मई) तकरात 8:04 – रात 9:05
17 मई, सोमवारसोम प्रदोषवैशाखशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: शाम 4:28 से शाम 4:04 (18 मई) तकशाम 7:06 – रात 9:10
2 जून, बुधवारवैशाखकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: सुबह 8:29 से सुबह 6:35 (3 जून) तकशाम 7:15 – रात 9:16
16 जून, बुधवारज्येष्ठशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: रात 2:31 से रात 3:20 (17 जून) तकशाम 7:20 – रात 9:21
1 जुलाई, गुरुवारज्येष्ठकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: शाम 6:15 से दोपहर 3:23 (2 जुलाई) तकशाम 7:23 – रात 9:24
15 जुलाई, गुरुवारआषाढ़शुक्ल पक्ष त्रयोदशी: दोपहर 2:41 से शाम 4:35 (16 जुलाई) तकशाम 7:21 – रात 9:23
31 जुलाई, शनिवारशनि प्रदोषआषाढ़कृष्ण पक्ष त्रयोदशी: रात 2:18 से रात 10:58 तकशाम 7:13 – रात 9:19
14 अगस्त, शनिवारशनि प्रदोषश्रावणशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: सुबह 5:21 से सुबह 7:54 (15 अगस्त) तकशाम 7:02 – रात 9:11
29 अगस्त, रविवारश्रावणकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: सुबह 9:36 से सुबह 6:13 (30 अगस्त) तकशाम 6:46 – रात 9:00
13 सितंबर, सोमवारसोम प्रदोषभाद्रपदशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: रात 10:13 (12 सितंबर) से रात 12:40 (14 सितंबर) तकशाम 6:29 – रात 8:48
27 सितंबर, सोमवारसोम प्रदोषभाद्रपदकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: शाम 4:55 से दोपहर 1:55 (28 सितंबर) तकशाम 6:12 – रात 8:36
12 अक्टूबर, मंगलवारभौम प्रदोषआश्विनशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: शाम 4:14 से शाम 5:48 (13 अक्टूबर) तकशाम 5:55 – रात 8:24
27 अक्टूबर, बुधवारसाथ में: धनतेरसआश्विनकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: रात 1:04 से रात 10:50 तकशाम 5:40 – रात 8:14
11 नवंबर, गुरुवारसाथ में: तुलसी विवाहकार्तिकशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: सुबह 10:07 से सुबह 10:21 (12 नवंबर) तकशाम 5:29 – रात 8:08
25 नवंबर, गुरुवारकार्तिककृष्ण पक्ष त्रयोदशी: सुबह 10:51 से सुबह 9:48 (26 नवंबर) तकशाम 5:24 – रात 8:06
11 दिसंबर, शनिवारशनि प्रदोषमार्गशीर्षशुक्ल पक्ष त्रयोदशी: रात 2:53 से रात 1:43 (12 दिसंबर) तकशाम 5:25 – रात 8:08
25 दिसंबर, शनिवारशनि प्रदोषमार्गशीर्षकृष्ण पक्ष त्रयोदशी: रात 11:08 (24 दिसंबर) से रात 11:32 तकशाम 5:30 – रात 8:15

समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।

प्रदोष व्रत क्या है और कैसे मनाई जाती है

प्रदोष व्रत भगवान शिव का व्रत है, जो दोनों पक्षों की त्रयोदशी (13वीं तिथि) को रखा जाता है - यानी महीने में दो बार। प्रदोष काल सूर्यास्त के ठीक बाद का संध्या-समय है, जब शिव जी सबसे प्रसन्न माने जाते हैं। भक्त दिन भर व्रत रखते हैं, स्नान करते हैं और प्रदोष काल में शिव पूजा करते हैं: जल, दूध और बिल्वपत्र से अभिषेक, दीपक, प्रदोष स्तोत्र या शिव चालीसा। पूजा के बाद व्रत खोला जाता है।

सोमवार का प्रदोष सोम प्रदोष, मंगलवार का भौम प्रदोष और शनिवार का शनि प्रदोष कहलाता है; शनि प्रदोष को विशेष शक्तिशाली माना जाता है।

तिथि का नियम

कृष्ण त्रयोदशी: प्रदोष व्यापिनी तिथि.

तारीख शाम से तय होती है, सूर्योदय से नहीं: व्रत उस दिन होता है जब सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में त्रयोदशी चल रही हो, इसलिए दोपहर में शुरू होकर अगली दोपहर तक रहने वाली त्रयोदशी का व्रत पहले दिन होता है। यदि तिथि दो शामों को प्रदोष काल को छूए तो पहली शाम ली जाती है। तालिका में पूजा का समय नई दिल्ली के सूर्यास्त से शुरू होता है, इसलिए यह साल भर और शहर-शहर बदलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में प्रदोष व्रत की तिथियां कौन-सी हैं?

2027 में प्रदोष व्रत की 25 तिथियां हैं (नई दिल्ली): 4 जनवरी, सोमवार; 20 जनवरी, बुधवार; 3 फ़रवरी, बुधवार; 18 फ़रवरी, गुरुवार; 5 मार्च, शुक्रवार; 20 मार्च, शनिवार; 4 अप्रैल, रविवार; 18 अप्रैल, रविवार; 3 मई, सोमवार; 17 मई, सोमवार; 2 जून, बुधवार; 16 जून, बुधवार; 1 जुलाई, गुरुवार; 15 जुलाई, गुरुवार; 31 जुलाई, शनिवार; 14 अगस्त, शनिवार; 29 अगस्त, रविवार; 13 सितंबर, सोमवार; 27 सितंबर, सोमवार; 12 अक्टूबर, मंगलवार; 27 अक्टूबर, बुधवार; 11 नवंबर, गुरुवार; 25 नवंबर, गुरुवार; 11 दिसंबर, शनिवार; 25 दिसंबर, शनिवार।

2027 में प्रदोष व्रत की पहली तिथि कब है?

प्रदोष व्रत 4 जनवरी 2027, सोमवार को है (कृष्ण पक्ष त्रयोदशी: शाम 6:16 से रात 8:40 (5 जनवरी) तक; प्रदोष पूजा: शाम 6:16 – रात 8:21)।

प्रदोष व्रत 4 जनवरी को प्रदोष पूजा क्या है?

नई दिल्ली के लिए - कृष्ण पक्ष त्रयोदशी: शाम 6:16 से रात 8:40 (5 जनवरी) तक; प्रदोष पूजा: शाम 6:16 – रात 8:21। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।

प्रदोष व्रत की तारीख कैसे तय होती है?

तारीख इस नियम से तय होती है: कृष्ण त्रयोदशी: प्रदोष व्यापिनी तिथि। 2027 में इससे 25 तिथियां बनती हैं (नई दिल्ली)।

अपने शहर का पंचांग देखें — मुफ़्त

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