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पूर्णिमा व्रत 2027: पूर्णिमा की सभी तिथियां और तिथि का समय
Purnima 2027
नई दिल्ली · IST
2027 में पूर्णिमा व्रत की पहली तिथि 22 जनवरी 2027, शुक्रवार को है (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 9:30 (21 जनवरी) से शाम 5:47 तक)। 2027 की सभी 12 तिथियां नीचे सूची में हैं।
पूर्णिमा व्रत 2027: सभी तिथियां
| दिनांक | हिंदू माह | तिथि |
|---|---|---|
| 22 जनवरी, शुक्रवार | पौष | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 9:30 (21 जनवरी) से शाम 5:47 तक |
| 20 फ़रवरी, शनिवार | माघ | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 8:00 से सुबह 4:53 (21 फ़रवरी) तक |
| 22 मार्च, सोमवार | फाल्गुन | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: शाम 6:22 (21 मार्च) से शाम 4:13 तक |
| 20 अप्रैल, मंगलवारसाथ में: हनुमान जयंती | चैत्र | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 4:51 से रात 3:57 (21 अप्रैल) तक |
| 20 मई, गुरुवार | वैशाख | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: शाम 4:03 (19 मई) से शाम 4:29 तक |
| 18 जून, शुक्रवारसाथ में: वट पूर्णिमा व्रत | ज्येष्ठ | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 4:35 से सुबह 6:14 (19 जून) तक |
| 18 जुलाई, रविवारसाथ में: गुरु पूर्णिमा | आषाढ़ | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: शाम 6:48 (17 जुलाई) से रात 9:14 तक |
| 16 अगस्त, सोमवार | श्रावण | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 10:29 से दोपहर 12:58 (17 अगस्त) तक |
| 15 सितंबर, बुधवार | भाद्रपद | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 2:48 से सुबह 4:33 (16 सितंबर) तक |
| 15 अक्टूबर, शुक्रवारसाथ में: शरद पूर्णिमा | आश्विन | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: शाम 6:49 (14 अक्टूबर) से शाम 7:17 तक |
| 13 नवंबर, शनिवारसाथ में: देव दीपावली | कार्तिक | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 9:55 से सुबह 8:55 (14 नवंबर) तक |
| 13 दिसंबर, सोमवार | मार्गशीर्ष | शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 11:55 (12 दिसंबर) से रात 9:38 तक |
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
पूर्णिमा व्रत क्या है और कैसे मनाई जाती है
पूर्णिमा चंद्रमा की पूर्ण तिथि है - शुक्ल पक्ष की अंतिम (15वीं) तिथि, जब चंद्रमा सूर्य के ठीक सामने होकर पूरा चमकता है। भक्त व्रत रखते हैं, प्रातः स्नान करते हैं (संभव हो तो नदी या तीर्थ में), भगवान विष्णु की पूजा करते हैं - सत्यनारायण कथा पूर्णिमा की प्रचलित पूजा है - और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। इस दिन अन्न, वस्त्र या धन का दान कई गुना पुण्य देने वाला माना जाता है।
कुछ पूर्णिमाएं स्वयं पर्व हैं: गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा; होलिका दहन फाल्गुन की पूर्णिमा को होता है।
तिथि का नियम
शुक्ल पूर्णिमा: मध्याह्न व्यापिनी तिथि.
पूर्णिमा एक शाम को शुरू होकर अगली दोपहर तक रह सकती है, इसलिए तिथि जिस दिन शुरू होती है और व्रत का दिन अलग हो सकते हैं। नियम यह तय करता है: व्रत उस दिन होता है जब तिथि मध्याह्न (दिन का बीच का पांचवां भाग) में रहती है; दोनों दिन मध्याह्न में हो तो पहला दिन लिया जाता है। कुछ परंपराएं स्नान-दान के लिए सूर्योदय की तिथि लेती हैं; जांचने के लिए तालिका में तिथि का आरंभ और अंत दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2027 में पूर्णिमा व्रत की तिथियां कौन-सी हैं?
2027 में पूर्णिमा व्रत की 12 तिथियां हैं (नई दिल्ली): 22 जनवरी, शुक्रवार; 20 फ़रवरी, शनिवार; 22 मार्च, सोमवार; 20 अप्रैल, मंगलवार; 20 मई, गुरुवार; 18 जून, शुक्रवार; 18 जुलाई, रविवार; 16 अगस्त, सोमवार; 15 सितंबर, बुधवार; 15 अक्टूबर, शुक्रवार; 13 नवंबर, शनिवार; 13 दिसंबर, सोमवार।
2027 में पूर्णिमा व्रत की पहली तिथि कब है?
पूर्णिमा व्रत 22 जनवरी 2027, शुक्रवार को है (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 9:30 (21 जनवरी) से शाम 5:47 तक)।
पूर्णिमा व्रत 22 जनवरी को तिथि कितने बजे शुरू और खत्म होती है?
नई दिल्ली के लिए - शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 9:30 (21 जनवरी) से शाम 5:47 तक। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
पूर्णिमा व्रत की तारीख कैसे तय होती है?
तारीख इस नियम से तय होती है: शुक्ल पूर्णिमा: मध्याह्न व्यापिनी तिथि। 2027 में इससे 12 तिथियां बनती हैं (नई दिल्ली)।
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