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पूर्णिमा व्रत 2026: पूर्णिमा की सभी तिथियां और तिथि का समय

Purnima 2026

नई दिल्ली · IST

पूर्णिमा व्रत की अगली तिथि 25 अक्टूबर 2026, रविवार को है (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 11:56 से सुबह 9:41 (26 अक्टूबर) तक)।

पूर्णिमा व्रत 2026: सभी तिथियां

दिनांकहिंदू माहतिथि
3 जनवरी, शनिवारपौषशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: शाम 6:53 (2 जनवरी) से दोपहर 3:32 तक
1 फ़रवरी, रविवारमाघशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 5:53 से रात 3:39 (2 फ़रवरी) तक
3 मार्च, मंगलवारसाथ में: होलिका दहनफाल्गुनशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: शाम 5:56 (2 मार्च) से शाम 5:07 तक
1 अप्रैल, बुधवारचैत्रशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 7:06 से सुबह 7:41 (2 अप्रैल) तक
1 मई, शुक्रवारवैशाखशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 9:13 (30 अप्रैल) से रात 10:53 तक
30 मई, शनिवारअधिक ज्येष्ठशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 11:58 से दोपहर 2:15 (31 मई) तक
29 जून, सोमवारसाथ में: वट पूर्णिमा व्रतज्येष्ठशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 3:06 से सुबह 5:26 (30 जून) तक
29 जुलाई, बुधवारसाथ में: गुरु पूर्णिमाआषाढ़शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: शाम 6:19 (28 जुलाई) से रात 8:05 तक
27 अगस्त, गुरुवारश्रावणशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 9:09 से सुबह 9:48 (28 अगस्त) तक
26 सितंबर, शनिवारभाद्रपदशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 11:07 (25 सितंबर) से रात 10:19 तक
25 अक्टूबर, रविवारसाथ में: शरद पूर्णिमाआश्विनशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 11:56 से सुबह 9:41 (26 अक्टूबर) तक
24 नवंबर, मंगलवारसाथ में: देव दीपावली, कार्तिक पूर्णिमाकार्तिकशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: रात 11:42 (23 नवंबर) से रात 8:23 तक
23 दिसंबर, बुधवारमार्गशीर्षशुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 10:47 से सुबह 6:58 (24 दिसंबर) तक

समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।

पूर्णिमा व्रत क्या है और कैसे मनाई जाती है

पूर्णिमा चंद्रमा की पूर्ण तिथि है - शुक्ल पक्ष की अंतिम (15वीं) तिथि, जब चंद्रमा सूर्य के ठीक सामने होकर पूरा चमकता है। भक्त व्रत रखते हैं, प्रातः स्नान करते हैं (संभव हो तो नदी या तीर्थ में), भगवान विष्णु की पूजा करते हैं - सत्यनारायण कथा पूर्णिमा की प्रचलित पूजा है - और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। इस दिन अन्न, वस्त्र या धन का दान कई गुना पुण्य देने वाला माना जाता है।

कुछ पूर्णिमाएं स्वयं पर्व हैं: गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा; होलिका दहन फाल्गुन की पूर्णिमा को होता है।

तिथि का नियम

शुक्ल पूर्णिमा: मध्याह्न व्यापिनी तिथि.

पूर्णिमा एक शाम को शुरू होकर अगली दोपहर तक रह सकती है, इसलिए तिथि जिस दिन शुरू होती है और व्रत का दिन अलग हो सकते हैं। नियम यह तय करता है: व्रत उस दिन होता है जब तिथि मध्याह्न (दिन का बीच का पांचवां भाग) में रहती है; दोनों दिन मध्याह्न में हो तो पहला दिन लिया जाता है। कुछ परंपराएं स्नान-दान के लिए सूर्योदय की तिथि लेती हैं; जांचने के लिए तालिका में तिथि का आरंभ और अंत दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में पूर्णिमा व्रत की तिथियां कौन-सी हैं?

2026 में पूर्णिमा व्रत की 13 तिथियां हैं (नई दिल्ली): 3 जनवरी, शनिवार; 1 फ़रवरी, रविवार; 3 मार्च, मंगलवार; 1 अप्रैल, बुधवार; 1 मई, शुक्रवार; 30 मई, शनिवार; 29 जून, सोमवार; 29 जुलाई, बुधवार; 27 अगस्त, गुरुवार; 26 सितंबर, शनिवार; 25 अक्टूबर, रविवार; 24 नवंबर, मंगलवार; 23 दिसंबर, बुधवार।

पूर्णिमा व्रत की अगली तिथि कब है?

पूर्णिमा व्रत 25 अक्टूबर 2026, रविवार को है (शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 11:56 से सुबह 9:41 (26 अक्टूबर) तक)।

पूर्णिमा व्रत 25 अक्टूबर को तिथि कितने बजे शुरू और खत्म होती है?

नई दिल्ली के लिए - शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: सुबह 11:56 से सुबह 9:41 (26 अक्टूबर) तक। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।

पूर्णिमा व्रत की तारीख कैसे तय होती है?

तारीख इस नियम से तय होती है: शुक्ल पूर्णिमा: मध्याह्न व्यापिनी तिथि। 2026 में इससे 13 तिथियां बनती हैं (नई दिल्ली)।

अपने शहर का पंचांग देखें — मुफ़्त

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