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कालाष्टमी 2026: सभी तिथियां और काल भैरव पूजा
Kalashtami 2026
नई दिल्ली · IST
कालाष्टमी की अगली तिथि 1 नवंबर 2026, रविवार को है (कृष्ण पक्ष अष्टमी: दोपहर 2:52 से दोपहर 1:11 (2 नवंबर) तक)।
कालाष्टमी 2026: सभी तिथियां
माह अमांत हैं (माह अमावस्या पर पूरा होता है, जैसा दक्षिण व पश्चिम भारत में)। उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में कृष्ण पक्ष का नाम एक माह आगे का होता है।
| दिनांक | हिंदू माह | तिथि |
|---|---|---|
| 10 जनवरी, शनिवार | पौष | कृष्ण पक्ष अष्टमी: सुबह 8:24 से सुबह 10:20 (11 जनवरी) तक |
| 9 फ़रवरी, सोमवार | माघ | कृष्ण पक्ष अष्टमी: सुबह 5:01 से सुबह 7:27 (10 फ़रवरी) तक |
| 11 मार्च, बुधवारसाथ में: शीतला अष्टमी (बसौड़ा) | फाल्गुन | कृष्ण पक्ष अष्टमी: रात 1:54 से सुबह 4:19 (12 मार्च) तक |
| 10 अप्रैल, शुक्रवार | चैत्र | कृष्ण पक्ष अष्टमी: रात 9:20 (9 अप्रैल) से रात 11:16 तक |
| 9 मई, शनिवार | वैशाख | कृष्ण पक्ष अष्टमी: दोपहर 2:03 से दोपहर 3:07 (10 मई) तक |
| 8 जून, सोमवार | अधिक ज्येष्ठ | कृष्ण पक्ष अष्टमी: रात 3:25 से रात 3:24 (9 जून) तक |
| 7 जुलाई, मंगलवार | ज्येष्ठ | कृष्ण पक्ष अष्टमी: दोपहर 1:25 से दोपहर 12:22 (8 जुलाई) तक |
| 5 अगस्त, बुधवार | आषाढ़ | कृष्ण पक्ष अष्टमी: रात 8:42 से शाम 6:53 (6 अगस्त) तक |
| 4 सितंबर, शुक्रवारसाथ में: कृष्ण जन्माष्टमी | श्रावण | कृष्ण पक्ष अष्टमी: रात 2:25 से रात 12:14 (5 सितंबर) तक |
| 3 अक्टूबर, शनिवारसाथ में: जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) | भाद्रपद | कृष्ण पक्ष अष्टमी: सुबह 8:00 से सुबह 5:52 (4 अक्टूबर) तक |
| 1 नवंबर, रविवारसाथ में: अहोई अष्टमी | आश्विन | कृष्ण पक्ष अष्टमी: दोपहर 2:52 से दोपहर 1:11 (2 नवंबर) तक |
| 1 दिसंबर, मंगलवार | कार्तिक | कृष्ण पक्ष अष्टमी: रात 12:12 से रात 11:14 तक |
| 30 दिसंबर, बुधवार | मार्गशीर्ष | कृष्ण पक्ष अष्टमी: दोपहर 12:36 से दोपहर 12:32 (31 दिसंबर) तक |
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
कालाष्टमी क्या है और कैसे मनाई जाती है
कालाष्टमी भगवान काल भैरव का मासिक दिन है - शिव का वह उग्र रूप जो समय के रक्षक हैं - जो कृष्ण पक्ष की अष्टमी (आठवीं तिथि) को मनाया जाता है। भक्त व्रत रखते हैं, रात में सरसों के तेल के दीपक और काले तिल जैसी भेंट से भैरव की पूजा करते हैं और कुत्तों को भोजन कराते हैं, जो भैरव से जुड़े माने जाते हैं।
पूर्णिमांत गणना में मार्गशीर्ष (अमांत में कार्तिक) की कालाष्टमी कालभैरव जयंती है - उनका प्रकट दिवस और वर्ष की सबसे प्रमुख कालाष्टमी।
तिथि का नियम
कृष्ण अष्टमी: प्रदोष व्यापिनी तिथि.
कालाष्टमी रात की उपासना है, इसलिए तारीख वह दिन है जब प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद की संध्या) में अष्टमी चल रही हो; तिथि पिछली सुबह शुरू या रात में समाप्त हो सकती है, इसलिए तालिका में उसका आरंभ और अंत देखें। यदि वह दो शामों को प्रदोष काल को छूए तो पहली शाम ली जाती है। कुछ परंपराएं मध्यरात्रि की तिथि मानती हैं, जिससे कभी-कभी एक दिन का अंतर आ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में कालाष्टमी की तिथियां कौन-सी हैं?
2026 में कालाष्टमी की 13 तिथियां हैं (नई दिल्ली): 10 जनवरी, शनिवार; 9 फ़रवरी, सोमवार; 11 मार्च, बुधवार; 10 अप्रैल, शुक्रवार; 9 मई, शनिवार; 8 जून, सोमवार; 7 जुलाई, मंगलवार; 5 अगस्त, बुधवार; 4 सितंबर, शुक्रवार; 3 अक्टूबर, शनिवार; 1 नवंबर, रविवार; 1 दिसंबर, मंगलवार; 30 दिसंबर, बुधवार।
कालाष्टमी की अगली तिथि कब है?
कालाष्टमी 1 नवंबर 2026, रविवार को है (कृष्ण पक्ष अष्टमी: दोपहर 2:52 से दोपहर 1:11 (2 नवंबर) तक)।
कालाष्टमी 1 नवंबर को तिथि कितने बजे शुरू और खत्म होती है?
नई दिल्ली के लिए - कृष्ण पक्ष अष्टमी: दोपहर 2:52 से दोपहर 1:11 (2 नवंबर) तक। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
कालाष्टमी की तारीख कैसे तय होती है?
तारीख इस नियम से तय होती है: कृष्ण अष्टमी: प्रदोष व्यापिनी तिथि। 2026 में इससे 13 तिथियां बनती हैं (नई दिल्ली)।
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