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संकष्टी चतुर्थी 2026: सभी तिथियां और चंद्रोदय का समय

Sankashti Chaturthi 2026

नई दिल्ली · IST

संकष्टी चतुर्थी की अगली तिथि 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है (कृष्ण पक्ष चतुर्थी: रात 1:07 से रात 10:10 तक; चंद्रोदय: रात 8:16)।

संकष्टी चतुर्थी 2026: सभी तिथियां

माह अमांत हैं (माह अमावस्या पर पूरा होता है, जैसा दक्षिण व पश्चिम भारत में)। उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में कृष्ण पक्ष का नाम एक माह आगे का होता है।

दिनांकहिंदू माहतिथिचंद्रोदय
6 जनवरी, मंगलवारअंगारकी चतुर्थीसाथ में: सकट चौथपौषकृष्ण पक्ष चतुर्थी: सुबह 8:02 से सुबह 6:53 (7 जनवरी) तकरात 8:59
5 फ़रवरी, गुरुवारमाघकृष्ण पक्ष चतुर्थी: रात 12:10 से रात 12:22 (6 फ़रवरी) तकरात 9:39
6 मार्च, शुक्रवारफाल्गुनकृष्ण पक्ष चतुर्थी: शाम 5:53 से शाम 7:17 (7 मार्च) तकरात 9:18
5 अप्रैल, रविवारचैत्रकृष्ण पक्ष चतुर्थी: दोपहर 12:00 से दोपहर 2:11 (6 अप्रैल) तकरात 9:58
5 मई, मंगलवारअंगारकी चतुर्थीवैशाखकृष्ण पक्ष चतुर्थी: सुबह 5:24 से सुबह 7:51 (6 मई) तकरात 10:34
3 जून, बुधवारअधिक ज्येष्ठकृष्ण पक्ष चतुर्थी: रात 9:21 से रात 11:30 (4 जून) तकरात 10:03
3 जुलाई, शुक्रवारज्येष्ठकृष्ण पक्ष चतुर्थी: सुबह 11:20 से दोपहर 12:40 (4 जुलाई) तकरात 9:52
2 अगस्त, रविवारआषाढ़कृष्ण पक्ष चतुर्थी: रात 11:07 (1 अगस्त) से रात 11:15 तकरात 9:24
31 अगस्त, सोमवारसाथ में: कजरी तीजश्रावणकृष्ण पक्ष चतुर्थी: सुबह 8:51 से सुबह 7:42 (1 सितंबर) तकरात 8:29
29 सितंबर, मंगलवारअंगारकी चतुर्थीभाद्रपदकृष्ण पक्ष चतुर्थी: शाम 5:10 से दोपहर 2:55 (30 सितंबर) तकशाम 7:44
29 अक्टूबर, गुरुवारसाथ में: करवा चौथआश्विनकृष्ण पक्ष चतुर्थी: रात 1:07 से रात 10:10 तकरात 8:16
27 नवंबर, शुक्रवारकार्तिककृष्ण पक्ष चतुर्थी: सुबह 9:49 से सुबह 6:40 (28 नवंबर) तकरात 8:17
26 दिसंबर, शनिवारमार्गशीर्षकृष्ण पक्ष चतुर्थी: रात 8:05 से शाम 5:13 (27 दिसंबर) तकरात 8:18

समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।

संकष्टी चतुर्थी क्या है और कैसे मनाई जाती है

संकष्टी चतुर्थी (संकट हरण चतुर्थी) कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (चौथी तिथि) को रखा जाने वाला भगवान गणेश का मासिक व्रत है; "संकष्टी" का अर्थ है संकट से मुक्ति। भक्त दिन भर व्रत रखते हैं, शाम को गणेश जी की पूजा करते हैं और चंद्रमा के दर्शन कर उसे अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलते हैं - इसीलिए इस पन्ने पर चंद्रोदय का समय मुख्य है।

मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहलाती है, जिसे विशेष फलदायी माना जाता है। माघ (पूर्णिमांत) की संकष्टी उत्तर भारत में सकट चौथ के रूप में मनाई जाती है।

तिथि का नियम

कृष्ण चतुर्थी: चंद्रोदय व्यापिनी तिथि.

संकष्टी चंद्रमा से तय होती है, सूर्य से नहीं: व्रत उस शाम को होता है जब चंद्रोदय के समय चतुर्थी चल रही हो, क्योंकि उसी समय व्रत खोला जाता है। इसलिए तारीख सूर्योदय वाले पंचांग की चतुर्थी की तारीख से अलग हो सकती है। चंद्रोदय हर दिन लगभग 50 मिनट देर से होता है और शहरों में कई मिनट का अंतर रहता है, इसलिए अपने शहर का समय देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में संकष्टी चतुर्थी की तिथियां कौन-सी हैं?

2026 में संकष्टी चतुर्थी की 13 तिथियां हैं (नई दिल्ली): 6 जनवरी, मंगलवार; 5 फ़रवरी, गुरुवार; 6 मार्च, शुक्रवार; 5 अप्रैल, रविवार; 5 मई, मंगलवार; 3 जून, बुधवार; 3 जुलाई, शुक्रवार; 2 अगस्त, रविवार; 31 अगस्त, सोमवार; 29 सितंबर, मंगलवार; 29 अक्टूबर, गुरुवार; 27 नवंबर, शुक्रवार; 26 दिसंबर, शनिवार।

संकष्टी चतुर्थी की अगली तिथि कब है?

संकष्टी चतुर्थी 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है (कृष्ण पक्ष चतुर्थी: रात 1:07 से रात 10:10 तक; चंद्रोदय: रात 8:16)।

संकष्टी चतुर्थी 29 अक्टूबर को चंद्रोदय क्या है?

नई दिल्ली के लिए - कृष्ण पक्ष चतुर्थी: रात 1:07 से रात 10:10 तक; चंद्रोदय: रात 8:16। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।

संकष्टी चतुर्थी की तारीख कैसे तय होती है?

तारीख इस नियम से तय होती है: कृष्ण चतुर्थी: चंद्रोदय व्यापिनी तिथि। 2026 में इससे 13 तिथियां बनती हैं (नई दिल्ली)।

अपने शहर का पंचांग देखें — मुफ़्त

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