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अमावस्या 2026: अमावस्या की सभी तिथियां और तिथि का समय

Amavasya 2026

नई दिल्ली · IST

अमावस्या की अगली तिथि 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को है (कृष्ण पक्ष अमावस्या: रात 9:36 (9 अक्टूबर) से रात 9:20 तक)।

अमावस्या 2026: सभी तिथियां

माह अमांत हैं (माह अमावस्या पर पूरा होता है, जैसा दक्षिण व पश्चिम भारत में)। उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में कृष्ण पक्ष का नाम एक माह आगे का होता है।

दिनांकहिंदू माहतिथि
18 जनवरी, रविवारसाथ में: मौनी अमावस्यापौषकृष्ण पक्ष अमावस्या: रात 12:04 से रात 1:21 (19 जनवरी) तक
17 फ़रवरी, मंगलवारमाघकृष्ण पक्ष अमावस्या: शाम 5:34 (16 फ़रवरी) से शाम 5:31 तक
19 मार्च, गुरुवारसाथ में: चैत्र नवरात्रि प्रारंभ, गुड़ी पड़वा / उगादीफाल्गुनकृष्ण पक्ष अमावस्या: सुबह 8:25 (18 मार्च) से सुबह 6:53 तक
17 अप्रैल, शुक्रवारचैत्रकृष्ण पक्ष अमावस्या: रात 8:11 (16 अप्रैल) से शाम 5:21 तक
16 मई, शनिवारशनि अमावस्यासाथ में: वट सावित्री व्रतवैशाखकृष्ण पक्ष अमावस्या: सुबह 5:11 से रात 1:31 (17 मई) तक
15 जून, सोमवारसोमवती अमावस्याअधिक ज्येष्ठकृष्ण पक्ष अमावस्या: दोपहर 12:20 (14 जून) से सुबह 8:24 तक
14 जुलाई, मंगलवारज्येष्ठकृष्ण पक्ष अमावस्या: शाम 6:50 (13 जुलाई) से दोपहर 3:13 तक
12 अगस्त, बुधवारआषाढ़कृष्ण पक्ष अमावस्या: रात 1:53 से रात 11:06 तक
11 सितंबर, शुक्रवारश्रावणकृष्ण पक्ष अमावस्या: सुबह 10:33 (10 सितंबर) से सुबह 8:57 तक
10 अक्टूबर, शनिवारशनि अमावस्यासाथ में: सर्व पितृ अमावस्या (महालया)भाद्रपदकृष्ण पक्ष अमावस्या: रात 9:36 (9 अक्टूबर) से रात 9:20 तक
9 नवंबर, सोमवारसोमवती अमावस्याआश्विनकृष्ण पक्ष अमावस्या: सुबह 11:28 (8 नवंबर) से दोपहर 12:32 तक
8 दिसंबर, मंगलवारकार्तिककृष्ण पक्ष अमावस्या: सुबह 4:13 से सुबह 6:21 (9 दिसंबर) तक

समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।

अमावस्या क्या है और कैसे मनाई जाती है

अमावस्या चंद्रमा की नवीन तिथि है - कृष्ण पक्ष की 30वीं और अंतिम तिथि, जब चंद्रमा सूर्य के साथ होता है और दिखाई नहीं देता। यह पितरों का दिन है: परिवार तर्पण और श्राद्ध करते हैं, ब्राह्मणों व गरीबों को भोजन कराते हैं, दान देते हैं और पवित्र जल में स्नान करते हैं। बहुत से लोग व्रत रखते हैं और कोई नया काम शुरू नहीं करते।

सोमवार की अमावस्या सोमवती अमावस्या और शनिवार की अमावस्या शनि अमावस्या कहलाती है, दोनों का विशेष महत्व है। प्रमुख अमावस्याएं हैं: मौनी अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या (पितृ पक्ष का अंत) और दीपावली की अमावस्या।

तिथि का नियम

कृष्ण अमावस्या: सूर्योदय के समय की तिथि.

अमावस्या दिन का अनुष्ठान है (श्राद्ध और तर्पण दिन में होते हैं), इसलिए तारीख वह दिन है जब सूर्योदय पर अमावस्या तिथि चल रही हो। तिथि अक्सर एक दिन पहले शाम को शुरू हो जाती है, इसलिए तालिका में समय पिछली तारीख से भी शुरू हो सकता है। पर्व वाली अमावस्याओं के अपने नियम हैं - दीपावली प्रदोष से और सर्वपितृ अमावस्या अपराह्न से तय होती है - और वे यहां की तारीख से एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में अमावस्या की तिथियां कौन-सी हैं?

2026 में अमावस्या की 12 तिथियां हैं (नई दिल्ली): 18 जनवरी, रविवार; 17 फ़रवरी, मंगलवार; 19 मार्च, गुरुवार; 17 अप्रैल, शुक्रवार; 16 मई, शनिवार; 15 जून, सोमवार; 14 जुलाई, मंगलवार; 12 अगस्त, बुधवार; 11 सितंबर, शुक्रवार; 10 अक्टूबर, शनिवार; 9 नवंबर, सोमवार; 8 दिसंबर, मंगलवार।

अमावस्या की अगली तिथि कब है?

अमावस्या 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को है (कृष्ण पक्ष अमावस्या: रात 9:36 (9 अक्टूबर) से रात 9:20 तक)।

अमावस्या 10 अक्टूबर को तिथि कितने बजे शुरू और खत्म होती है?

नई दिल्ली के लिए - कृष्ण पक्ष अमावस्या: रात 9:36 (9 अक्टूबर) से रात 9:20 तक। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।

अमावस्या की तारीख कैसे तय होती है?

तारीख इस नियम से तय होती है: कृष्ण अमावस्या: सूर्योदय के समय की तिथि। 2026 में इससे 12 तिथियां बनती हैं (नई दिल्ली)।

अपने शहर का पंचांग देखें — मुफ़्त

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