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गणगौर 2027
Gangaur 2027
नई दिल्ली · IST
गणगौर 2027 में 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को है।
- शुक्ल पक्ष तृतीया: रात 3:10 से रात 1:32 (10 अप्रैल) तक
क्या है और कैसे मनाएं
चैत्र शुक्ल तृतीया, गणगौर राजस्थान का गौरी (पार्वती) और शिव का पर्व है। सुहागिनें पति के लिए और कन्याएं अच्छे वर के लिए गौरी पूजन करती हैं; होली के अगले दिन से चलने वाली अठारह दिन की पूजा इसी दिन पूर्ण होती है।
तिथि का नियम
चैत्र (अमांत) शुक्ल तृतीया: सूर्योदय के समय की तिथि.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गणगौर 2027 कब है?
गणगौर 2027 शुक्रवार, 9 अप्रैल 2027 को है।
गणगौर 2027 9 अप्रैल को ही क्यों है?
तिथि का नियम: चैत्र (अमांत) शुक्ल तृतीया: सूर्योदय के समय की तिथि। 2027 में यह 9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2027 के प्रमुख त्योहार
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- सकट चौथ
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- हल षष्ठी (ललही छठ)
- कृष्ण जन्माष्टमी
- हरतालिका तीज
- गणेश चतुर्थी
- ऋषि पंचमी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस)
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा