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ऋषि पंचमी 2027
Rishi Panchami 2027
नई दिल्ली · IST
ऋषि पंचमी 2027 में 4 सितंबर 2027, शनिवार को है।
- मध्याह्न पूजा मुहूर्त: दोपहर 12:26 – दोपहर 1:36
- शुक्ल पक्ष पंचमी: दोपहर 12:26 से सुबह 11:17 (5 सितंबर) तक
क्या है और कैसे मनाएं
भाद्रपद शुक्ल पंचमी, ऋषि पंचमी सप्तर्षियों को समर्पित है। विशेष रूप से स्त्रियां स्नान, व्रत और मध्याह्न में सप्तर्षि पूजन करती हैं, ताकि अनजाने में हुए दोषों से शुद्धि हो।
तिथि का नियम
भाद्रपद (अमांत) शुक्ल पंचमी: मध्याह्न व्यापिनी तिथि.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऋषि पंचमी 2027 कब है?
ऋषि पंचमी 2027 शनिवार, 4 सितंबर 2027 को है।
ऋषि पंचमी 2027 का पूजा मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए - मध्याह्न पूजा मुहूर्त: दोपहर 12:26 – दोपहर 1:36। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
ऋषि पंचमी 2027 4 सितंबर को ही क्यों है?
तिथि का नियम: भाद्रपद (अमांत) शुक्ल पंचमी: मध्याह्न व्यापिनी तिथि। 2027 में यह 4 सितंबर 2027, शनिवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2027 के प्रमुख त्योहार
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- सकट चौथ
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- गणगौर
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- हल षष्ठी (ललही छठ)
- कृष्ण जन्माष्टमी
- हरतालिका तीज
- गणेश चतुर्थी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस)
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा