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अश्विनी नक्षत्र
Ashwini Nakshatra
आज का नक्षत्र (नई दिल्ली में सूर्योदय के समय) आश्लेषा है। नक्षत्र का समाप्ति-समय, तिथि और राहु काल आज के पंचांग में देखें।
| क्रम | 27 में से 1वाँ |
|---|---|
| अंश (निरयण) | 0°00′ मेष – 13°20′ मेष |
| राशि | मेष |
| स्वामी ग्रह (विंशोत्तरी) | केतु महादशा 7 वर्ष |
| देवता | अश्विनी कुमार (देव-वैद्य) |
| प्रतीक | अश्व का मुख |
| गण | देव |
| योनि | अश्व (घोड़ा) पुरुष |
| नाड़ी | आदि वात |
| वर्ण (राशि से, गुण मिलान में) | क्षत्रिय |
| नामाक्षर | चु चे चो ला |
स्वभाव
अश्विनी पहला नक्षत्र है, जिसके देवता देवताओं के वैद्य अश्विनी कुमार हैं और प्रतीक अश्व का मुख है। इस नक्षत्र में चंद्रमा वाले लोग प्रायः फुर्तीले, ऊर्जावान और नई शुरुआत के लिए उत्सुक होते हैं — मदद में सबसे आगे, कुछ नया करने में सबसे पहले। परंपरा अश्विनी को उपचार, गति और नए आरंभ से जोड़ती है, इसलिए कई लोगों का झुकाव चिकित्सा, खेल, यात्रा या ऐसे काम की ओर होता है जिसमें शीघ्र और व्यावहारिक कदम चाहिए। इस नक्षत्र का वरदान पहल और युवा आशावाद है; इसकी सीख धैर्य है — जो काम जिस उत्साह से शुरू हो, उसी उत्साह से पूरा भी हो।
ये पारंपरिक प्रवृत्तियाँ हैं, निर्णय नहीं। आपकी पूरी कुंडली — लग्न, ग्रह और दशा — व्यक्तिगत चित्र देती है।
चार चरण और नामाक्षर
| चरण | अंश | राशि | नामाक्षर |
|---|---|---|---|
| 1 | 0°00′ मेष – 3°20′ मेष | मेष | चु Chu |
| 2 | 3°20′ मेष – 6°40′ मेष | मेष | चे Che |
| 3 | 6°40′ मेष – 10°00′ मेष | मेष | चो Cho |
| 4 | 10°00′ मेष – 13°20′ मेष | मेष | ला La |
परंपरा में बच्चे का नाम जन्म नक्षत्र के चरण के अक्षर से रखा जाता है (नामाक्षर)। अक्षर ड्रिक पंचांग में प्रकाशित स्वर-सिद्धांत की 108 चरण-अक्षरों की सूची (अवकहड़ा चक्र) के अनुसार हैं।
अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ — जानें आपका जन्म नक्षत्र और चंद्र राशिसंबंधित
सभी 27 नक्षत्र
- 1. अश्विनी
- 2. भरणी
- 3. कृत्तिका
- 4. रोहिणी
- 5. मृगशिरा
- 6. आर्द्रा
- 7. पुनर्वसु
- 8. पुष्य
- 9. आश्लेषा
- 10. मघा
- 11. पूर्वा फाल्गुनी
- 12. उत्तरा फाल्गुनी
- 13. हस्त
- 14. चित्रा
- 15. स्वाति
- 16. विशाखा
- 17. अनुराधा
- 18. ज्येष्ठा
- 19. मूल
- 20. पूर्वाषाढ़ा
- 21. उत्तराषाढ़ा
- 22. श्रवण
- 23. धनिष्ठा
- 24. शतभिषा
- 25. पूर्व भाद्रपद
- 26. उत्तर भाद्रपद
- 27. रेवती