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पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र

Purva Phalguni Nakshatra

आज का नक्षत्र (नई दिल्ली में सूर्योदय के समय) आश्लेषा है। नक्षत्र का समाप्ति-समय, तिथि और राहु काल आज के पंचांग में देखें।

क्रम27 में से 11वाँ
अंश (निरयण)13°20′ सिंह – 26°40′ सिंह
राशिसिंह
स्वामी ग्रह (विंशोत्तरी)शुक्र महादशा 20 वर्ष
देवताभग देव
प्रतीकपलंग के अगले पाये
गणमनुष्य
योनिमूषक (चूहा) स्त्री
नाड़ीमध्य पित्त
वर्ण (राशि से, गुण मिलान में)क्षत्रिय
नामाक्षरमो टा टी टू

स्वभाव

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के देवता सौभाग्य और दांपत्य सुख के देव भग हैं और इसका प्रतीक पलंग के अगले पाये हैं — विश्राम और आनंद का प्रतीक। इस नक्षत्र में चंद्रमा वाले लोग प्रायः स्नेही, आकर्षक, रचनात्मक और उत्सव, संगीत व अच्छी संगति के प्रेमी होते हैं। वे लोगों को जोड़ते हैं और अपनी मेहनत की कमाई का आनंद लेना जानते हैं। परंपरा पूर्वा फाल्गुनी को प्रेम, कला और विश्राम से जोड़ती है, इसलिए मनोरंजन, डिज़ाइन, आतिथ्य और संबंधों पर आधारित काम इसके अनुकूल हैं। इसका वरदान बाँटा जाने वाला आनंद है; इसकी सीख है सुख और कर्तव्य में संतुलन।

ये पारंपरिक प्रवृत्तियाँ हैं, निर्णय नहीं। आपकी पूरी कुंडली — लग्न, ग्रह और दशा — व्यक्तिगत चित्र देती है।

चार चरण और नामाक्षर

चरणअंशराशिनामाक्षर
113°20′ सिंह – 16°40′ सिंहसिंहमो Mo
216°40′ सिंह – 20°00′ सिंहसिंहटा Ta
320°00′ सिंह – 23°20′ सिंहसिंहटी Ti
423°20′ सिंह – 26°40′ सिंहसिंहटू Tu

परंपरा में बच्चे का नाम जन्म नक्षत्र के चरण के अक्षर से रखा जाता है (नामाक्षर)। अक्षर ड्रिक पंचांग में प्रकाशित स्वर-सिद्धांत की 108 चरण-अक्षरों की सूची (अवकहड़ा चक्र) के अनुसार हैं।

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