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हस्त नक्षत्र

Hasta Nakshatra

आज का नक्षत्र (नई दिल्ली में सूर्योदय के समय) आश्लेषा है। नक्षत्र का समाप्ति-समय, तिथि और राहु काल आज के पंचांग में देखें।

क्रम27 में से 13वाँ
अंश (निरयण)10°00′ कन्या – 23°20′ कन्या
राशिकन्या
स्वामी ग्रह (विंशोत्तरी)चंद्र महादशा 10 वर्ष
देवतासविता (सूर्य देव)
प्रतीकहाथ (हस्त)
गणदेव
योनिमहिष (भैंस) स्त्री
नाड़ीआदि वात
वर्ण (राशि से, गुण मिलान में)वैश्य
नामाक्षरपू ष ण ठ

स्वभाव

हस्त नक्षत्र के देवता तेजस्वी सविता (सूर्य) हैं और इसका प्रतीक हाथ है। इस नक्षत्र में चंद्रमा वाले लोग प्रायः कुशल, व्यावहारिक, हाज़िरजवाब और हाथ व दिमाग़ दोनों से चतुर होते हैं। उन्हें काम पूरा करना अच्छा लगता है और वे विचार को साकार कर सकते हैं। परंपरा हस्त को कारीगरी, उपचार के स्पर्श और साधन-संपन्नता से जोड़ती है, इसलिए शिल्प, कला, शल्य-चिकित्सा, मालिश, लेखन, व्यापार और कोई भी कौशल वाला काम इसके अनुकूल है। इसका वरदान बनाने और सँवारने की क्षमता है; इसकी सीख है चीज़ों को खुले हाथ से थामना, यह भरोसा रखते हुए कि मेहनत अपना फल स्वयं लाती है।

ये पारंपरिक प्रवृत्तियाँ हैं, निर्णय नहीं। आपकी पूरी कुंडली — लग्न, ग्रह और दशा — व्यक्तिगत चित्र देती है।

चार चरण और नामाक्षर

चरणअंशराशिनामाक्षर
110°00′ कन्या – 13°20′ कन्याकन्यापू Pu
213°20′ कन्या – 16°40′ कन्याकन्याष Sha
316°40′ कन्या – 20°00′ कन्याकन्याण Na
420°00′ कन्या – 23°20′ कन्याकन्याठ Tha

परंपरा में बच्चे का नाम जन्म नक्षत्र के चरण के अक्षर से रखा जाता है (नामाक्षर)। अक्षर ड्रिक पंचांग में प्रकाशित स्वर-सिद्धांत की 108 चरण-अक्षरों की सूची (अवकहड़ा चक्र) के अनुसार हैं।

अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ — जानें आपका जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि

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