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उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र

Uttara Phalguni Nakshatra

आज का नक्षत्र (नई दिल्ली में सूर्योदय के समय) आश्लेषा है। नक्षत्र का समाप्ति-समय, तिथि और राहु काल आज के पंचांग में देखें।

क्रम27 में से 12वाँ
अंश (निरयण)26°40′ सिंह – 10°00′ कन्या
राशिसिंह, कन्या
स्वामी ग्रह (विंशोत्तरी)सूर्य महादशा 6 वर्ष
देवताअर्यमा
प्रतीकपलंग के पिछले पाये
गणमनुष्य
योनिगौ (गाय) पुरुष
नाड़ीआदि वात
वर्ण (राशि से, गुण मिलान में)क्षत्रिय, वैश्य
नामाक्षरटे टो पा पी

स्वभाव

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के देवता मित्रता, अनुबंध और विवाह-वचन के देव अर्यमा हैं और इसका प्रतीक पलंग के पिछले पाये हैं। जहाँ इसकी जुड़वाँ पूर्वा फाल्गुनी आनंद लेती है, वहीं उत्तरा फाल्गुनी वचन निभाती है। इस नक्षत्र में चंद्रमा वाले लोग प्रायः भरोसेमंद, मददगार, न्यायप्रिय और मित्रों व जीवनसाथी के प्रति निष्ठावान होते हैं। वे अपनी बात पर टिकते हैं और दूसरों के सच्चे काम आना चाहते हैं। परंपरा इस नक्षत्र को संरक्षण और स्थायी साझेदारी से जोड़ती है, इसलिए प्रबंधन, लोक-सेवा, परामर्श, क़ानून और परोपकार के काम इसके अनुकूल हैं। इसका वरदान भरोसेमंद दयालुता है; इसकी सीख है मदद लेना भी उतनी ही सहजता से जितनी सहजता से दी जाती है।

ये पारंपरिक प्रवृत्तियाँ हैं, निर्णय नहीं। आपकी पूरी कुंडली — लग्न, ग्रह और दशा — व्यक्तिगत चित्र देती है।

चार चरण और नामाक्षर

चरणअंशराशिनामाक्षर
126°40′ सिंह – 30°00′ सिंहसिंहटे Te
20°00′ कन्या – 3°20′ कन्याकन्याटो To
33°20′ कन्या – 6°40′ कन्याकन्यापा Pa
46°40′ कन्या – 10°00′ कन्याकन्यापी Pi

परंपरा में बच्चे का नाम जन्म नक्षत्र के चरण के अक्षर से रखा जाता है (नामाक्षर)। अक्षर ड्रिक पंचांग में प्रकाशित स्वर-सिद्धांत की 108 चरण-अक्षरों की सूची (अवकहड़ा चक्र) के अनुसार हैं।

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